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कैसे ट्रैक करें अपनी भेजी हुई मेल

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अगर आप किसी को कोई जरूरी मेल भेजते हैं तो हमेशा एक चिंता सताती रहती है कि उस व्‍यक्ति ने आपकी मेल पढ़ी भी है या नहीं। खासकर तब जब मेल काफी जरूरी और अर्जेंट हो। लेकिन शायद आपमें से काफी लोग न जानते हों की आउटलुक और जीमेल में एक ऐसा फीचर होता है जिसकी मदद से अगर आप किसी को कोई जरूरी मेल भेजते हैं और वह व्‍यक्ति उस मेल को जैसे ही ओपेन करेगा आपके पास उसकी जानकारी मेल द्वारा आ जाएगी।
how track if your sent email has been opened gmail
  • अपनी मेल का रीडिंग स्‍टेट जानने के लिए सबसे पहले अपने क्रोम ब्राउजर में राइटइंनबक्‍स (RightInbox) एक्‍टेंशन डाउनलोड कर लें।
  • राइट एक्‍टेंशन डाउनलोड करने के बाद अपना जीमेल एकाउंट ओपेन करें, जीमेल ओपेन करने के बाद आपके सामने मेल का एलाओं करने का ऑप्‍शन आएगा जिसमें एलाउ कर दें।
  • अब अपनी मेल ट्रैक करने के लिए कंपोज मेल में जाए। कंपोज मेल में मेल लिखने के बाद ऊपर दिए गए ऑप्‍शनों में ट्रैक का बटन दिखेगा जो मेल भेजने वाले बटन के बगल में होगा। मेल ट्रैक करने के लिए बस आपको उस ट्रैक बॉक्‍स में टिक करना होगा।
  • अब आप अपनी मेल भेज दें, आपके द्वारा भेजी गई मेल को जैसे ही दूसरी तरफ का व्‍यक्ति ओपेन करेगा आपके पास एक मेल आ जाएगा जिससे आपको पता चल जाएगा कि आपकी मेल ओपेन की जा चुकी है।

अपने लैपटॉप और पीसी में कैसे प्रयोग करें विंडो 8

 

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windows-8

माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में नया विंडो 8 प्‍लेटफार्म लांच किया है जिसे आप अपने पीसी और लैपटॉप में इंस्‍टॉल भी कर सकते हैं। लेकिन उससे पहले हम आपको विंडो 8 में दिए गए कुछ फीचरों के बारे में जानना बेहद जरूरी है साथ ही इस विंडो 8 को कैसे प्रयोग करें इस बारे में भी जानकारी लेना बेहद जरूरी है।

  • विंडो 8 की सबसे बड़ी खासियत है इसे आप लैपटॉप और पीसी के साथ टैबलेट में भी प्रयोग कर सकते हैं। विंडो 8 के दो वर्जन उपलब्‍ध है पहला विंडो 8 और दूसरा विंडो आरटी वैसे तो देखने में दोनो वर्जन एक जैसे हैं लेकिन विंडो 8 में स्‍टैंर्डड चिप दी गई है जबकि आरटी वर्जन में लैपटॉप और छोटे टैबलेट के लिए कंम्‍पेटेबल है क्‍योंकि ये विंडो 8 के मुकाबले हल्‍का वर्जन है।

  • विंडो 8 इंस्‍टॉल करने के बाद जब आप पहली बार अपने पीसी में विंडो 8 ओपेन करेंगे तो उसमें कई तरह पिक्‍चर दिखेंगी अगर आप टच स्‍क्रीन डिवाइस में विंडो 8 प्रयोग कर रहें है तो स्‍क्रीन में कहीं भी टच करें और अगर आपकी डिवाइस में कीबोर्ड है है तो कीबोर्ड की किसी भी बटन को दबा दें।

  • स्‍क्रीन को टच करने पर या फिर कीबोर्ड पर क्लिक करने के बाद आपके सामने कई तरह के टाइल्‍स आईकॉन दिखेंगे। साथ ही आपके पीसी का निकनेम मेट्रो लिखकर आएगा जो डिफॉल्‍ट होगा। आप चाहें तो बाद में कोई भी नाम चेंज कर सकते हैं।

  • विंडो 8 की डेस्‍कटॉप स्‍क्रीन में स्‍टार्ट बटन नहीं दिखेगी जिससे हो सकता है आपको थोड़ी परेशानी हो लेकिन कोई भी दूसरा प्रोग्रोम ओपेन करने के लिए आप विंडो 8 की स्‍क्रीन में सबसे ऊपर सीधे हाथ यानी राइट साइड में माउस से क्लिक कर नीचे की ओर स्‍वाइप करें। आपके सामने सारे सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम ओपेन हो जाएंगे।

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अपने कंप्‍यूटर में कैसे सर्च करें वॉयरस


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computer-virus
इंटरनेट पर रोज ढेरों वॉयरस हमला करते रहते हैं। जिनमें से कुछ वॉयरस इतने खतरनाक होते हैं कि वे आपके कंप्‍यूटर को पूरी तरह से खराब कर सकते हैं। अगर आप इंटरनेट का प्रयोग कर रहें हैं तो कुछ बातों का ध्‍यान रखकर सुरक्षित सर्फिंग कर सकते हैं। हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताते हैं जिससे आप अपने कंप्‍यूटर में वॉयरस का सर्च कर उसे हटा सकते हैं।
Virus-Detected
कैसे जानें कि आपके कंप्‍यूटर में वॉयरस है
जब कंप्‍यूटर स्‍पीड कम हो जाए
अपने मन से मैसेज आने लगें या फिर कोई भी एप्‍लीकेशन और प्रोग्राम अपने आप ओपेन होनें लगें
सारी एप्‍लीकेशन बंद होने के बाद भी वे देर से बंद हो
फास्‍ट इंटरनेट स्‍पीड होने पर भी स्‍पीड कम हो
बार-बार कंप्‍यूटर क्रैश हो
virus security
कैसे हटाएं कंप्‍यूटर से वॉयरस
कंप्‍यूटर में पड़े एंटी वॉयरस को हमेशा अपडेट करते रहें
कंप्‍यूटर में एक री स्‍टोर प्‍वाइंट बनाए रखें ताकि कंप्‍यूटर में कोई ऐसा वॉयरस आने पर जो डिलीट या फिर रिमूव न हो, कंप्‍यूटर री स्‍टोर कर सकें।
अगर कंप्‍यूटर में री स्‍टोर प्‍वाइंट काम न करें तो उसे सेफ मोड में बूट करने की कोशिश करें, बूट होने पर एंटीवॉयस से सर्च कर वॉयरस डिलीट कर दें।


दूसरे पीसी में कैसे शेयर करें अपना इंटरनेट कनेक्‍शन


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अगर आप के घर में एक इंटरनेट कनेक्‍शन है लेकिन आप इसे दो कंप्‍यूटर में प्रयोग करना चाहते हैं तो इसके लिए एक कंप्‍यूटर से दूसरे कंप्‍यूटर में इंटरनेट कनेक्‍शन शेयर कर लीजिए इसके लिए आपको कुछ आसान सी स्‍टेप फॉलो करनी पड़ेगी। लेकिन ध्‍यान रहें इंटरनेट कनेक्‍शन शेयर करने के लिए आपके पास एक इथरनेट केबल होनी चाहिए।
  • इंटरनेट कनेक्‍शन शेयर करने के लिए सबसे पहले अपने पीसी के कंट्रोल पैनल में जाएं और इंटरनेट कनेक्‍शन का ऑप्‍शन चुनें।
  • इंटरनेट ऑप्‍शन में जाकर वॉयरलैस नेटर्वक कनेक्‍शन आइकॉन में जाकर मैनेज कनेक्‍शन नेटवर्क ऑप्‍शन पर क्ल्कि करें।
share internet
  • अब अपने पीसी में दिए गए वॉयरलैस कनेक्‍शन ऑप्‍शन में राइट क्लिक करें और जो कनेक्‍शन इस समय इंटरनेट के लिए प्रयोग कर रहें हों उसके प्रापर्टी ऑप्‍शन पर क्लिक करें।
  • प्रापर्टी ऑप्‍शन में जाकर नेटर्वक कनेक्‍शन चुनें और शेयरिंग टैब ऑप्‍शन पर टिक मार्क लगाकर क्लिक कर दें।
  • अब ओके करके कंट्रोल पैनल क्‍लोज कर दें।
  • अब जब भी आपको दूसरे कंप्‍यूटर में इंटरनेट प्रयोग करना हो इथरनेट केबल लगाकर दूसरे पीसी से कनेक्‍ट कर इंटरनेट प्रयोग कर सकते हैं।

computer basics part in hindi

computer basics part 1 in hindi computer basics part 2 in hindi

लीजिए पेश है हिंदी स्पेल चेक सहित एक शानदार, संपूर्ण हिंदी ऑफिस सूट - बिलकुल मुफ़्त!


यूँ तो ओपनऑफ़िस के नवीनतम संस्करण इंस्टाल कर आप सेटिंग में जाकर हिंदी स्पेल चेक एक्सटेंशन जोड़कर उसमें भी हिंदी वर्तनी जांच की सुविधा जोड़ सकते हैं, मगर उसका वर्तनी जांच का शब्द संग्रह 85 हजार शब्दों का ही है और बहुत सारा उसमें गलत शब्द भी संग्रहित है. ऊपर से शब्दों का सुझाव देते समय उसमें डब्बे नजर आते हैं और समस्या बनी रहती है.
इस समस्या का समाधान उपलब्ध है. आपको  लिब्रे ऑफ़िस पोर्टेबल एडीशन का नवीनतम संस्करण डाउनलोड कर इंस्टाल करना होगा. परंतु इसमें भी हिंदी वर्तनी हेतु महज 15 हजार शब्द ही हैं. तो इसे हम वृहद, पौने दो लाख शब्दों के शब्द संग्रह से बदल कर बढ़िया हिंदी वर्तनी जांच युक्त ऑफ़िस सूट में बदल लेंगे. यह महज 2 आसान चरणों में संभव है.
1
लिब्रे ऑफिस पोर्टेबल एडीशन डाउनलोड कर किसी फ़ोल्डर में इंस्टाल करें. पोर्टेबल एडीशन की खासियत यह है कि आप इसे पेन ड्राइव में कॉपी कर या किसी भी अन्य डिरेक्ट्री या फ़ोल्डर में कॉपी कर कहीं पर भी चला सकते हैं. बार बार इंस्टाल करने की जरूरत नहीं.
पोर्टेबल एडीशन यहाँ से डाउनलोड करें. लिब्रे ऑफ़िस आप विंडोज, मैक या लिनक्स किसी के लिए भी डाउनलोड कर सकते हैं. परंतु नीचे कड़ी विंडोज के लिए दी जा रही है -
http://www.libreoffice.org/download/?type=win-x86&lang=hi&version=3.6.1
यहाँ पर आपको इंस्टाल योग्य लिब्रे ऑफिस तथा पोर्टेबल एडीशन दोनों को डाउनलोड करने के विकल्प मिलेंगे. आप चाहें तो इंस्टाल वर्जन भी डाउनलोड कर सकते हैं.
पोर्टेबल एडीशन का डायरेक्ट डाउनलोड लिंक है -
http://download.documentfoundation.org/libreoffice/portable/3.6.1/LibreOfficePortable_3.6.1.1_MultilingualAll.paf.exe 
डाउनलोड के बाद इस फ़ाइल को चला कर किसी फ़ोल्डर में इंस्टाल करें. इंस्टालेशन सेटिंग डिफ़ॉल्ट (मल्टीलिंग्वल ही) रहने दें, और कोई परिवर्तन न करें.
अब आपको इसका  हिंदी वर्तनी जांच का शब्द संग्रह जो कि 15 हजार शब्दों वाला है उसे बदल कर पौने दो लाख शब्दों वाले शब्द संग्रह से बदलना है. इसके लिए नीचे दिए गए चरण अनुसार करें -
2
फ़ाइल hi_IN.dic इस कड़ी से डाउनलोड करें -
http://goo.gl/IMspZ
ऊपर की लिंक काम न करे तो नीचे दी गई कड़ी पर जाएं और वहाँ से hi_IN.dic फ़ाइल डाउनलोड करें-
https://skydrive.live.com/#cid=60EACE63E15A752A&id=60EACE63E15A752A%21113 
अब इस फ़ाइल को लिब्रे ऑफ़िस की फ़ाइल से बदलना है.
लिब्रे ऑफिस के पोर्टेबल एडीशन में यह फ़ाइल आपके चुने गए फ़ोल्डर में कुछ इस प्रकार होगा -
\LibreOfficePortable\App\libreoffice\share\extensions\dict-hi
फ़ोल्डर dict-hi के भीतर hi_IN.dic फ़ाइल है. इसे हटा दें और ऊपर लिंक से डाउनलोड किए इसी नाम की फ़ाइल वहाँ कॉपी कर दें.
अब आप लिब्रे ऑफिस का कोई भी एप्लिकेशन चलाएं - जैसे कि लिब्रे ऑफ़िस राइटर. और वहां हिंदी में ऑन - द - फ्लाई वर्तनी जांच का भरपूर लाभ लें.
यदि किसी शब्द की वर्तनी गलत दिखती है (लाल रंग से रेखांकित होती है) तो आप उस शब्द पर दायाँ क्लिक कर सही वर्तनी का विकल्प देख सकते हैं, और चुन सकते हैं या फिर अपने शब्द संग्रह में जोड़ सकते हैं.
आप इस लिब्रे ऑफ़िस का यूआई हिंदी में भी कर सकते हैं - सेटिंग में जाकर डिफ़ॉल्ट अंग्रेजी को हिंदी में बदल लें - जैसा कि इस स्क्रीन शॉट में दिखाया गया है -
और इस तरह यह आपके लिए एक संपूर्ण ऑफ़िस सूट है - खालिस हिंदी में. और हाँ. इसमें हिंदी / अंग्रेज़ी द्विभाषी स्पेल चेक की एक साथ सुविधा भी मिलती है.
लिब्रे ऑफ़िस आम उपयोग के लिए निःशुल्क जारी किया जाता है. इसका हिंदी स्पेल चेक शब्द संग्रह भी निःशुल्क उपयोग के लिए जारी किया गया है. शब्द संग्रह में योगदान कर्ताओं के नाम यहाँ देखें.
libre-office-hindi-with-hindi-spell-check

पौने दो लाख शब्दों को बढ़ाने व उन्हें शुद्ध करने के प्रयास जारी हैं ताकि आपको एक परिपूर्ण हिंदी वर्तनी जांच की सुविधा मिले. शब्द संग्रह का परिपूर्ण, अधिक शुद्ध, संशोधित नया संस्करण शीघ्र ही जारी किया जाएगा. इसके लिए इन पृष्ठों को देखते रहें.

बाइनरी नंबर रूपान्तरण

बाइनरी नंबर रूपान्तरण
हम जानते है की कंप्यूटर की मूल इकाई बस दो होती है ० और १. विश्व स्तरीय गणना के लिये १००० को मानक माना जाता है. मतलब १००० ग्राम = १ किलोग्राम, १००० मीटर = १ किलोमीटर आदि.
कंप्यूटर गणना के लिये अगर दो के गुणक मे १००० के मानक मे देखा जाये अर्थात,
1          X         1          =1
2          X         2          =4
1          X         2          =2
4          X         2          =8
8          X         2          =16
16        X         2          =32
32        X         2          =64
64        X         2          =128
128      X         2          =256
256      X         2          =512
512      X         2          =1024
1024    X         2          =2048
१००० के सबसे नजदीक १०२४ ही आता है. ठीक उससे एक पहले ५१२ आता है जो १००० से बहुत कम है और ठीक एक बाद २०४८ आता है जो १००० से बहुत ज्यादा होती है. इस कारण कंप्यूटर मे १०२४ को ही मानक मान लिया गया हैं.
अब हम डिजिटल नंबर को बाइनरी नंबर मे बदलने की सबसे आसान तरीका देखेंगे.
सबसे पहले हम एक चार्ट इस तरह से बनाएँगे –
……… 128 64 32 16 8 4 2 1



























अब जिस डिजिटल नंबर को बाइनरी नंबर मे बदलना है उसको लेंगे. उदाहरण के लिये जैसे, 10 को बाइनरी नंबर मे बदलना है तो हम चार्ट मे देखेंगे की किन-किन नंबरों को जोड़ने से 10 होता हैं. तो 8+2=10 होगा. तो हम चार्ट मे 8 के नीचे वाले खाने मे 1, और   2 के नीचे वाले खाने मे 1 लिखेंगे और बचे हुए खाने मे ० लिख देंगे.
……… 128 64 32 16 8 4 2 1





1 0 1 0
=1010
अर्ताथ 10 का बाइनरी नंबर  1010 हुआ.
दूसरा उदाहरण –
13 को बाइनरी नंबर मे बदलना है तो हम चार्ट मे देखेंगे की किन-किन नंबरों को जोड़ने से 13 होता हैं. तो 8+4+1=13 होगा. तो हम चार्ट मे 8 के नीचे वाले खाने मे 1, और   4 के नीचे वाले खाने मे 1 और  1 के नीचे वाले खाने मे 1 लिखेंगे और बचे हुए खाने मे ० लिख देंगे.
……… 128 64 32 16 8 4 2 1





1 1 0 1
=1101
अर्ताथ 13 का बाइनरी नंबर  1101 हुआ.
ठीक इसी तरह अगर पहले से बाइनरी नंबर दिया हुआ हो तो उससे इस चार्ट में दाएँ से बाये लिख कर हम डिजिटल नंबर में बदल सकते हैं.
उदाहरण –
……… 128 64 32 16 8 4 2 1





1 0 0 1
नीचे के खाने मे जहाँ जहाँ १ है अगर उसके योग को देखा जाये तो डिजिटल नंबर आ जाता हैं. ऊपर से चार्ट मे 8 और 1 के नीचे 1 हैं अतः 8+1 करने पर 9 आयेगा.
1001  डिजिटल नंबर 9 होता है.

कंप्यूटर और विद्युत धारा

कंप्यूटर और विद्युत धारा

बिना विद्युत धारा के कंप्यूटर की कल्पना भी नहीं की जा सकती हैं. विद्युत धारा प्रवाह के कंप्यूटर मे दो प्रकार के उपयोग होते हैं. एक शक्ति स्रोत के रूप मे और दूसरा परिचालन संकेत के रूप में.  शक्ति स्रोत के रूप मे विद्युत धारा इसके विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टमों की मोटरों का परिचालन करती हैं. सामन्यतः यह कार्य १२ वोल्ट पर संपादित होते हैं. कंप्यूटर द्वारा इस्तेमाल विद्युत धारा शक्ति का अधिकतम भाग इसी कार्य में खपत होता है. कंप्यूटर में विद्युत धारा का दूसरा कार्य अधिक महत्वपूर्ण हैं, यद्यपि इसमें विद्युत शक्ति की मामूली सी मात्रा ही उपयुक्त होती हैं. यह कार्य कंप्यूटर की कार्य प्रणाली के अनुसार संकेतों का उत्पादन करना हीं. इन्ही संकेतों के आधार पर कंप्यूटर सभी प्रकार के कार्य को सम्पन करता हैं. सामन्यतः यह कार्य ३-५ वोल्ट पर संपादित होते हैं.

कंप्यूटर और मानवीय मस्तिष्क

कंप्यूटर और मानवीय मस्तिष्क
कल्पनाशीलता अथवा रचनात्मकता कंप्यूटरों की सीमा के बाहर है. जिस किसी काम की कभी कल्पना नहीं की गई हो कंप्यूटर उसे नहीं कर सकते जबकि मानवीय मस्तिष्क इस सीमा को लांघने की शक्ति रखता है. कंप्यूटर मानवीय मस्तिष्क से संभव हो सकने वाले कामो में से बहुत कम काम ही कर सकता है इसलिए कंप्यूटर मानव के दास की भूमिका में ही केवल सटीक बैठता है. कंप्यूटर जो भी काम कर सकता है दरसल वो मानवीय मस्तिष्क का ही देन होता हैं. हरेक एक मनुष्य का मस्तिष्क अलग अलग होता है, वो एक ही काम को अलग अलग तरीकों से करेगा, परन्तु १० या १००० एक जैसा तैयार किया गया कंप्यूटर एक जैसा ही काम करता है.
कंप्यूटर प्रोग्रामर (जो कंप्यूटर को निर्देषित करता है) कंप्यूटर को पहले बतलाता है की ________ + _______ = ? का अगर कहीं जवाब देना हैं तो खाली जगह में भरा गया पहले नंबर का बिट  और दूसरे नंबर की बिट को जोड़ने पर जो भी बिट आयेगी उससे पुनः डिजिटल में प्रदर्शित करना है. इसके बाद जब भी कोई यूसर (जो बनाये गए प्रोग्राम को उपयोग करता है) ______+______=? के जगह ५ + ४ = ? पूछेगा तो कंप्यूटर तुरंत ५+४ = ९ को प्रदर्शित कर देगा. इसके बदले अगर वह बार बार कोई अलग संख्या भी देगा तो उससे तुरंत जवाब मिलेगा.

इन्टरनेट

इन्टरनेट

इन्टरनेट शब्द को अगर दो भागो मे बाँट दिया जाये तो इंटरनेशनल + नेटवर्क दो शब्द बनते हैं, और दोनों शब्दों का मतलब निकाला जाये तो इसका अर्थ आता हैं अन्तर्राष्ट्रीय जाल अर्थात ऐसा जाल जिसमे सम्पूर्ण संसार शामिल हो.
इंटरनेट दुनिया भर में सार्वजनिक रूप से सुलभ कंप्यूटर के सुपर नेटवर्क है. इंटरनेट नेटवर्क  मे हजारों की  संख्या मे पूरी दुनिया के कंप्यूटर जुड़े हुए हैं|

इंटरनेट का सफर, १९७० के दशक में, विंट सर्फ (Vint Cerf) और बाब काहन् (Bob Kanh) ने शुरू किया गया। उन्होनें एक ऐसे तरीके का आविष्कार किया, जिसके द्वारा कंप्यूटर पर किसी सूचना को छोटे-छोटे पैकेट में तोड़ा जा सकता था और दूसरे कम्प्यूटर में इस प्रकार से भेजा जा सकता था कि वे पैकेट दूसरे कम्प्यूटर पर पहुंच कर पुनः उस सूचना कि प्रतिलिपी बना सकें – अथार्त कंप्यूटरों के बीच संवाद करने का तरीका निकाला। इस तरीके को ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल {Transmission Control Protocol (TCP)} कहा गया।
सूचना का इस तरह से आदान प्रदान करना तब भी दुहराया जा सकता है जब किसी भी नेटवर्क में दो से अधिक कंप्यूटर हों। क्योंकि किसी भी नेटवर्क में हर कम्प्यूटर का खास पता होता है। इस पते को इण्टरनेट प्रोटोकॉल पता {Internet Protocol (I.P.) address} कहा जाता है। इण्टरनेट प्रोटोकॉल (I.P.) पता वास्तव में कुछ नम्बर होते हैं जो एक दूसरे से एक बिंदु के द्वारा अलग-अलग किए गए हैं।
सूचना को जब छोटे-छोटे पैकेटों में तोड़ कर दूसरे कम्प्यूटर में भेजा जाता है तो यह पैकेट एक तरह से एक चिट्ठी होती है जिसमें भेजने वाले कम्प्यूटर का पता और पाने वाले कम्प्यूटर का पता लिखा होता है। जब वह पैकेट किसी भी नेटवर्क कम्प्यूटर के पास पहुंचता है तो कम्प्यूटर देखता है कि वह पैकेट उसके लिए भेजा गया है या नहीं। यदि वह पैकेट उसके लिए नहीं भेजा गया है तो वह उसे आगे उस दिशा में बढ़ा देता है जिस दिशा में वह कंप्यूटर है जिसके लिये वह पैकेट भेजा गया है। इस तरह से पैकेट को एक जगह से दूसरी जगह भेजने को इण्टरनेट प्रोटोकॉल {Internet Protocol (I.P.)} कहा जाता है।
अक्सर कार्यालयों के सारे कम्प्यूटर आपस में एक दूसरे से जुड़े रहते हैं और वे एक दूसरे से संवाद कर सकते हैं। इसको Local Area Network (LAN) लैन कहते हैं। लैन में जुड़ा कोई कंप्यूटर या कोई अकेला कंप्यूटर, दूसरे कंप्यूटरों के साथ टेलीफोन लाइन या सेटेलाइट से जुड़ा रहता है। अर्थात, दुनिया भर के कम्प्यूटर एक दूसरे से जुड़े हैं। इण्टरनेट, दुनिया भर के कम्प्यूटर का ऎसा नेटवर्क है जो एक दूसरे से संवाद कर सकता है।
आगे हम इन्टरनेट उपयोग करने के तरीको के बारे मे विस्तार से पढ़ेंगे

डाटा, प्रक्रिया और सूचना क्या है?

डाटा क्या है?
असिध्द तथ्य अंक और सांख्यिकी का समूह, जिस पर प्रक्रिया करने से अर्थपूर्ण सूचना प्रप्ता होती है।

प्रक्रिया क्या है ?
डाटा जैसे- अक्षर, अंक, सकंख्यिकी या किसी चित्र को सुव्यवस्थित करना उनकी गणना करना प्रक्रिया कहलाती है। डाटा को संकलित कर, जाँचा जाता है और किसी क्रम में व्यवस्थित करनें के बाद संग्रहीत कर लिया जाता है, इसके बाद इसे विभिन्न व्यक्यि (जिन्हें सूचना की आवश्यकता है) को भेजा जाता है। प्रक्रिया में निम्नालिखित पदो का समावेश होता है।
गणना :-जोडना, घटाना, गुड़ा करना, भाग देना।
तुलना :बराबर , बड़ा छोटा, शून्य, धनात्मक ऋणात्मक ।
निर्णय लेना : किसी सर्त के आधार पर विभिन्न अवस्थाएँ।
तर्क: आवश्यक परिणाम को प्राप्त करने के लिए पदों का क्रम।
केवल स्ख्याओं (अंकों) की गणना को ही प्रक्रिया नहीं कहते हैं। कम्प्यूटर की सहायता से दस्तवेजो में त्रुटियाँ ढ़ूढ़ना, टैक्ट को व्यवस्थित करना आदि भी प्रक्रिया कहलाता है।


सूचना क्या है?
जिस डाटा पर प्रक्रिया हो चुकी हो,वह सूचना कहलाती है। अर्थपूर्ण तथ्य,अंक या सांख्यिकी सूचना होती है। दूसरो शब्दों में डाटा पर प्रक्रिया होने के बाद जो अर्थपूर्ण डाटा प्राप्त होता है, उसे सूचना कहतें। अनुरूपता की विभिन्न श्रेणियों का गुण रखने वाली उपयोगी सामग्री होती होती है-सूचना निम्नालिखित कारणों से अति-आवश्यक और साहायक होती है-
(a) यह जानकारी
(b) यह वर्तमान और भविष्य के लिए निर्यय लेने में सहायता करती है
(c) यह भविष्य का मूल्यांकन करने में सहायक है।

सूचना के गुण
हम जानते है कि सूचना किसी प्रणाली के लिए अति अवश्यक कारक हैं इस लिए सूचना में अग्रलिखित गुण होने चाहियेः
(a) अर्थपूर्णता
(b) विस्मयकारी तत्व
(c)पूर्व जानकारी से सहमति
(d)पूर्व जानकारी में सुधार
(e) संक्षिप्तता
(f)शुध्दता या यथार्थता
(g)समयबध्ता
(h) कार्य-संपादन में सहायक

कम्प्यूटर नेटवर्क

कम्प्यूटर नेटवर्क

आज के युग मे उपयोगकर्ता को इलेक्ट्रानिक संचार की आवश्यकता है लोगो के परस्पर सूचना के संचार के संचार के लिए तकनीक की आवश्यकता है । एक अच्छी सूचना संचार पद्धति प्रत्येक संस्थानो के लिए आवश्यक है संस्थाए सूचना की प्रक्रिया के लिए परस्पर जुडे हुए कम्प्यूटर पर निर्भर रहती है इलेकट्रानिकी की सहायता एक से स्थान से दूसरे स्थान पर सूचना प्रेषित करने की क्रिया को दूरसंचार कहते है । एक या एक से अधिक कम्प्यूटर और विविध प्रकार के टर्मिनलो के बीच आंकडो को भेजना या प्राप्त करना डाटा संचार कहलाता है ।
नेटवर्क की रूप रेखा
सामान्यतया संचार नेटवर्क मे किसी चैनल के माध्यम से प्रेषक अपना संदेश प्राप्तकर्ता को भेजता है। किसी भी नेटवर्क के पाँच मूल अंग है ।

1) टर्मिनल
टर्मिनल मुख्य रूप से वीडियो टर्मिनल एवं वर्कस्टेशनो का समावेश होता है । इन पुट एवं आउट पुट उपकरण नेटवर्क मे डेटा भेजने एवं प्राप्त करने का कार्य करते है उदाहरणःमाइक्रोकम्प्यूटर ,टेलीफोन फेक्स मशीन आदि
2) दूरसंचार प्रोसेसर
दूरसंचार प्रोसेसर वे टर्मिनल और कम्प्यूटर के बीच रहते है । ये डाटा भेजने एवं प्राप्त करने के सहायता करते है । मोडेम मल्टीप्लेक्सर ,फ्रन्ट एण्ड प्रोसेसर जैसे उपकरण नेटवर्क मे होने वाली विविध क्रियाओ और नियंत्रणो मे सहायता करता है।

3)दूरसंचार चैनल एवं माध्यम
वे माध्यम जिनके उपर डाटा प्रेषित एवं प्राप्त किया जाता है उसे दूरसंचार चैनल कहते है । दूरसंचार नेटवर्क के विभिन्न अंगो को जोडने के लिए माध्यम का उपयोग करते है ।

4)कम्प्यूटर
नेटवर्क सभी प्रकार के कम्प्यूटर को आपस मे जोडता है । जिससे वे उसकी सूचना पर प्रक्रिया कर सके ।

5)दूरसंचार साफ्टवेयर
दूरसंचार साफ्टवेयर एक प्रोग्राम है जोकि होस्ट कम्प्यूटर पद्धति पर आधारित है । यह कम्प्यूटर पद्धति दूरसंचार विधियो को नियंत्रित करता है और नेटवर्क की क्रियाऔ को व्यवस्थित करता है

आपरेटिंग सिस्टम के प्रकार

आपरेटिंग सिस्टम के प्रकार

उपयोगकर्ता की गिनती के आधार पर आपरेटिंग सिस्टम को दो भागो मे विभाजित किया गया है । 1)एकल उपयोगकर्ता
एकल उपयोगकर्ता आपरेटिंग सिस्टम वह आपरेटिंग सिस्टम है जिसमे एक समय मे केवल एक उपयोगकर्ता काम कर सकता है ।
2)बहुल उपयोगकर्ता
वह आपरेटिंग सिस्टम जिसमे एक से अधिक उपयोगकर्ता एक ही समय मे काम कर सकते कर सकते है
काम करने के मोड के आधार पर भी इसे दो भागो मे विभाजित किया गया है ।
1)कैरेक्टर यूजर इंटरफेस
जब उपयोगकर्ता सिस्टम के साथ कैरेक्टर के द्वारा सूचना देता है तो इस आपरेटिंग सिस्टम को कैरेक्टर यूजर इंटरफेस कहते है
उदाहरण डॉस, यूनिक्स

2)ग्राफिकल यूजर इंटरफेस
जब उपयोग कर्ता कम्पयुटर से चित्रो के द्वारा सूचना का आदान प्रदान करता है तो इसे ग्राफिकल यूजर इंटरफेस कहा जाता है ।
उदाहरण विन्डो

आपरेटिंग सिस्टम की विशेषताए

आपरेटिंग सिस्टम की विशेषताए

1)मेमोरी प्रबंधन
प्रोग्राम एवं आकडो को क्रियान्वित करने से पहले मेमोरी मे डालना पडता है अधिकतर आपरेटिंग सिस्टम एक समय मे एक से अधिक प्रोग्राम को मेमोरी मे रहने की सुविधा प्रदान करता है आपरेटिंग सिस्टम यह निश्चित करता है कि प्रयोग हो रही मेमोरी अधिलेखित न हो प्रोग्राम स्माप्त होने पर प्रयोग होने वाली मेमोरी मुक्त हो जाती है ।

2) मल्टी प्रोग्रामिंग
एक ही समय पर दो से अधिक प्रक्रियाओ का एक दूसरे पर प्रचालन होना मल्टी प्रोग्रामिंग कहलाता है । विशेष तकनिक के आधार पर सी.पी.यू. के द्वारा निर्णय लिया जाता है कि इन प्रोग्राम मे से किस प्रोग्राम को चलाना हैएक ही समय मे सी.पी. यू. किसी प्रोग्राम को चलाता है

3) मल्टी प्रोसेसिंग
एक समय मे एक से अधिक कार्य के क्रियान्वयन के लिए सिस्टम पर एक से अधिक सी.पी.यू रहते है । इस तकनीक को मल्टी प्रोसेसिंग कहते है । एक से अधिक प्रोसेसर उपल्ब्ध होने के कारण इनपुट आउटपुट एवं प्रोसेसींगतीनो कार्यो के मध्य समन्वय रहता है ।

4) मल्टी टास्किंग
मेमोरी मे रखे एक से अधिक प्रक्रियाओ मे परस्पर नियंत्रण मल्टी टास्किंग कहलाता है किसी प्रोग्राम से नियत्रण हटाने से पहले उसकी पूर्व दशा सुरक्षित कर ली जाती है जब नियंत्रण इस प्रोग्राम पर आता है प्रोग्राम अपनी पूर्व अवस्था मे रहता है । मल्टी टास्किंग मे यूजर को ऐसा प्रतित होता है कि सभी कार्य एक साथ चल रहे है।

5) मल्टी थ्रेडिंग
यह मल्टी टास्किंग का विस्तारित रूप है एक प्रोग्राम एक से अधिक थ्रेड एक ही समय मे चलाता है । उदाहरण के लिए एक स्प्रेडशिट लम्बी गरणा उस समय कर लेता है जिस समय यूजर आंकडे डालता है

6)रियल टाइम
रियल टाइम आपरेटिंग सिस्टम की प्रक्रिया बहुत ही तीव्र गति से होती है रियल टाइम आपरेटिंग सिस्टम का उपयोग तब किया जाता है जब कम्पयुटर के द्वारा किसी कारेय विशेष का नियंत्रण किया जा रहा होता है । इस प्रकार के प्रयोग का परिणाम तुरंत प्राप्त होता है । और इस परिणाम को अपनी गरणा मे तुरंत प्रयोग मे लाया जाता है । आवशअयकता पडने पर नियंत्रित्र की जाने वाली प्रक्रिया को बदला जा सकता है । इस तकनीक के द्वारा कम्पयुटर का कार्य लगातार आंकडे ग्रहण करना उनकी गरणा करना मेमोरी मे उन्हे व्यवस्थित करना तथा गरणा के परिणाम के आधार पर निर्देश देना है

ऑपरेटिंग सिस्टम

ऑपरेटिंग सिस्टम
ऑपरेटिंग सिस्टम व्यवस्थित रूप से जमे हुए साफ्टवेयर का समूह है जो कि आंकडो एवं निर्देश के संचरण को नियंत्रित करता है
ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता
आपरेटिंग सिस्टम हार्डवेयर एवंसाफ्टवेयर के बिच सेतु का कार्य करता है कम्पयुटर का अपने आप मे कोई अस्तित्व नही है । यङ केवल हार्डवेयर जैसे की-बोर्ड, मानिटर , सी.पी.यू इत्यादि का समूह है आपरेटिंग सिस्टम समस्त हार्डवेयर के बिच सम्बंध स्थापित करता है आपरेटिंग सिस्टम के कारण ही प्रयोगकर्ता को कम्युटर के विभिन्न भागो की जानकारी रखने की जरूरत नही पडती है साथ ही प्रयोगकर्ता अपने सभी कार्य तनाव रहित होकर कर सकता है यह सिस्टम के साधनो को बाॅटता एवं व्यवस्थित करता है।
आपरेटिंग सिस्टम के कई अन्य उपयोगी विभाग होते है जिनके सुपुर्द कई काम केन्द्रिय प्रोसेसर द्वारा किए जाते है । उदाहरण के लिए प्रिटिंग का कोई किया जाता है तो केन्द्रिय प्रोसेसर आवश्यक आदेश देकर वह कार्य आपरेटिंग सिस्टम पर छोड देता है । और वह स्वयं अगला कार्य करने लगता है । इसके अतिरिक्त फाइल को पुनः नाम देना , डायरेक्टरी की विषय सूचि बदलना , डायरेक्टरी बदलना आदि कार्य आपरेटिंग सिस्टम के द्वारा किए जाते है । इसके अन्तर्गत निम्न कार्य आते है
1) फाइल पद्धति
फाइल बनाना, मिटाना एवं फाइल एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना । फाइल निर्देशिका को व्यवस्थित करना । 2) प्रक्रिया
प्रोग्राम एवं आंकडो को मेमोरी मे बाटना । एवं प्रोसेस का प्रारंभ एवं समानयन करना । प्रयोगकर्ता मध्यस्थ फाइल की प्रतिलिपी ,निर्देशिका , इत्यादि के लिए निर्देश , रेखाचित्रिय डिस्क टाप आदि 3) इनपुट/आउटपुट
माॅनिटर प्रिंटर डिस्क आदि के लिए मध्यस्थ



टैली सीखे हिन्दी में।

टैली सीखे हिन्दी में।

दोस्तों आज मैं आप लोगों को टैली सिखाने के हेतु कुछ वीडियो लेकर आया हूँ। उम्मीद यहीं है की यह विडियो आपके काम आएंगे। और जो लोग टैली सीखना चाहते है, वह इन वीडियो को देखकर सीख सकते है, वो भी हिन्दी में। 

अगर आपके पास Tally Erp 9 सॉफ्टवेर नहीं है तो चिंता की कोई बात नहीं है, मेरे इस पोस्ट पर Tally erp 9 फुल वर्जन दिया गया है।  टैली सिखने के लिए मैं इसके वीडियो के लिंक निचे दे रहा हूँ जिसे आप क्लीक करके देख सकते है। और बड़ी ही आसानी के साथ टैली को सीख सकते है। 



टैली पार्ट 1 देखने के लिए सामने यूट्यूब के टीवी पर क्लीक
टैली पार्ट 2 देखने के लिए सामने यूट्यूब के टीवी पर क्लीक
टैली पार्ट 3 देखने के लिए सामने यूट्यूब के टीवी पर क्लीक
टैली पार्ट 4 देखने के लिए सामने यूट्यूब के टीवी पर क्लीक
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