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लीजिए पेश है हिंदी स्पेल चेक सहित एक शानदार, संपूर्ण हिंदी ऑफिस सूट - बिलकुल मुफ़्त!


यूँ तो ओपनऑफ़िस के नवीनतम संस्करण इंस्टाल कर आप सेटिंग में जाकर हिंदी स्पेल चेक एक्सटेंशन जोड़कर उसमें भी हिंदी वर्तनी जांच की सुविधा जोड़ सकते हैं, मगर उसका वर्तनी जांच का शब्द संग्रह 85 हजार शब्दों का ही है और बहुत सारा उसमें गलत शब्द भी संग्रहित है. ऊपर से शब्दों का सुझाव देते समय उसमें डब्बे नजर आते हैं और समस्या बनी रहती है.
इस समस्या का समाधान उपलब्ध है. आपको  लिब्रे ऑफ़िस पोर्टेबल एडीशन का नवीनतम संस्करण डाउनलोड कर इंस्टाल करना होगा. परंतु इसमें भी हिंदी वर्तनी हेतु महज 15 हजार शब्द ही हैं. तो इसे हम वृहद, पौने दो लाख शब्दों के शब्द संग्रह से बदल कर बढ़िया हिंदी वर्तनी जांच युक्त ऑफ़िस सूट में बदल लेंगे. यह महज 2 आसान चरणों में संभव है.
1
लिब्रे ऑफिस पोर्टेबल एडीशन डाउनलोड कर किसी फ़ोल्डर में इंस्टाल करें. पोर्टेबल एडीशन की खासियत यह है कि आप इसे पेन ड्राइव में कॉपी कर या किसी भी अन्य डिरेक्ट्री या फ़ोल्डर में कॉपी कर कहीं पर भी चला सकते हैं. बार बार इंस्टाल करने की जरूरत नहीं.
पोर्टेबल एडीशन यहाँ से डाउनलोड करें. लिब्रे ऑफ़िस आप विंडोज, मैक या लिनक्स किसी के लिए भी डाउनलोड कर सकते हैं. परंतु नीचे कड़ी विंडोज के लिए दी जा रही है -
http://www.libreoffice.org/download/?type=win-x86&lang=hi&version=3.6.1
यहाँ पर आपको इंस्टाल योग्य लिब्रे ऑफिस तथा पोर्टेबल एडीशन दोनों को डाउनलोड करने के विकल्प मिलेंगे. आप चाहें तो इंस्टाल वर्जन भी डाउनलोड कर सकते हैं.
पोर्टेबल एडीशन का डायरेक्ट डाउनलोड लिंक है -
http://download.documentfoundation.org/libreoffice/portable/3.6.1/LibreOfficePortable_3.6.1.1_MultilingualAll.paf.exe 
डाउनलोड के बाद इस फ़ाइल को चला कर किसी फ़ोल्डर में इंस्टाल करें. इंस्टालेशन सेटिंग डिफ़ॉल्ट (मल्टीलिंग्वल ही) रहने दें, और कोई परिवर्तन न करें.
अब आपको इसका  हिंदी वर्तनी जांच का शब्द संग्रह जो कि 15 हजार शब्दों वाला है उसे बदल कर पौने दो लाख शब्दों वाले शब्द संग्रह से बदलना है. इसके लिए नीचे दिए गए चरण अनुसार करें -
2
फ़ाइल hi_IN.dic इस कड़ी से डाउनलोड करें -
http://goo.gl/IMspZ
ऊपर की लिंक काम न करे तो नीचे दी गई कड़ी पर जाएं और वहाँ से hi_IN.dic फ़ाइल डाउनलोड करें-
https://skydrive.live.com/#cid=60EACE63E15A752A&id=60EACE63E15A752A%21113 
अब इस फ़ाइल को लिब्रे ऑफ़िस की फ़ाइल से बदलना है.
लिब्रे ऑफिस के पोर्टेबल एडीशन में यह फ़ाइल आपके चुने गए फ़ोल्डर में कुछ इस प्रकार होगा -
\LibreOfficePortable\App\libreoffice\share\extensions\dict-hi
फ़ोल्डर dict-hi के भीतर hi_IN.dic फ़ाइल है. इसे हटा दें और ऊपर लिंक से डाउनलोड किए इसी नाम की फ़ाइल वहाँ कॉपी कर दें.
अब आप लिब्रे ऑफिस का कोई भी एप्लिकेशन चलाएं - जैसे कि लिब्रे ऑफ़िस राइटर. और वहां हिंदी में ऑन - द - फ्लाई वर्तनी जांच का भरपूर लाभ लें.
यदि किसी शब्द की वर्तनी गलत दिखती है (लाल रंग से रेखांकित होती है) तो आप उस शब्द पर दायाँ क्लिक कर सही वर्तनी का विकल्प देख सकते हैं, और चुन सकते हैं या फिर अपने शब्द संग्रह में जोड़ सकते हैं.
आप इस लिब्रे ऑफ़िस का यूआई हिंदी में भी कर सकते हैं - सेटिंग में जाकर डिफ़ॉल्ट अंग्रेजी को हिंदी में बदल लें - जैसा कि इस स्क्रीन शॉट में दिखाया गया है -
और इस तरह यह आपके लिए एक संपूर्ण ऑफ़िस सूट है - खालिस हिंदी में. और हाँ. इसमें हिंदी / अंग्रेज़ी द्विभाषी स्पेल चेक की एक साथ सुविधा भी मिलती है.
लिब्रे ऑफ़िस आम उपयोग के लिए निःशुल्क जारी किया जाता है. इसका हिंदी स्पेल चेक शब्द संग्रह भी निःशुल्क उपयोग के लिए जारी किया गया है. शब्द संग्रह में योगदान कर्ताओं के नाम यहाँ देखें.
libre-office-hindi-with-hindi-spell-check

पौने दो लाख शब्दों को बढ़ाने व उन्हें शुद्ध करने के प्रयास जारी हैं ताकि आपको एक परिपूर्ण हिंदी वर्तनी जांच की सुविधा मिले. शब्द संग्रह का परिपूर्ण, अधिक शुद्ध, संशोधित नया संस्करण शीघ्र ही जारी किया जाएगा. इसके लिए इन पृष्ठों को देखते रहें.

बिना इंटरनेट ऐसे करें जीमेल इस्तेमाल

इंटरनेट के बिना यह दुनिया कितनी अधूरी है. आज के युवाओं के लिए इंटरनेट के बिना एक दिन बिताना जैसे पानी के बिना मछली का जीना हो जाता है. लेकिन सोचिए कभी इंटरनेट उपलब्ध ना हो और आपको जीमेल पर अपनी महत्वपूर्ण मेल चेक करनी हो तो आप क्या करेंगे? इस समस्या का एक ही हल है और वह है बिना इंटरनेट के चलने वाला जीमेल.


Read:
Facebook Tips in Hindi


How to Use Gmail without Internet

हम जीमेल का इस्तेमाल कई कारणों से करते हैं. कुछ जीमेल का इस्तेमाल ईमेल के लिए करते हैं तो कुछ के लिए इसका फायदा सिर्फ चैटिंग के लिए हो पाता है. पर कुछ भी हो आज लोगों के लिए जीमेल बहुत महत्वपूर्ण हो चुका है और इस जीमेल से एक दिन भी दूर रह पाना मुश्किल भरा काम होता है. ऐसे में आपके और जीमेल के बीच इंटरनेट ना आए इसलिए गूगल क्रोम लेकर आया है ऑफलाइन गूगल मेल सेवा.


Offline Google Mail Service

ऑफलाइन गूगल मेल सेवा आपको बिना इंटरनेट के जीमेल एक्सेस करने की आजादी प्रदान करता है. हालांकि बिना इंटरनेट के जीमेल इस्तेमाल करने के लिए आपके कम्प्यूटर में क्रोम वेब ब्राउजर होना चाहिए. इस ब्राउजर के बिना आप इस सेवा का लाभ नहीं उठा सकते.


Steps to Use offline Gmail Service:

  • Google Crome: क्रोम वेब ब्राउजर में जीमेल ऑफ लाइन वेब एप्लीकेशन द्वारा आप अपने ईमेल एकाउंट को बिना इंटरनेट यानि ऑफ लाइन भी यूज कर सकते हैं.


  • Offline Gmail App: सबसे पहले आपको एक एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा जिसके द्वारा आप बिना इंटरनेट के भी अपने ईमेल देख सकते हैं. यह एप्लीकेशन आपको यहां से मिलेगा. (यह एप्लीकेशन सिर्फ गूगल क्रोम में काम करेगा फायरफॉक्स या इंटरनेट एक्सप्लोरर में नहीं.) https://chrome.google.com/webstore/detail/ejidjjhkpiempkbhmpbfngldlkglhimk?utm_source=chrome-ntp-icon


  • जीमेल ऑफ लाइन प्लग इन इंस्टॉल होने के बाद अपने आप आपके बुकमार्क में इसका लिंक दिखने लगेगा.



  • ऑफ लाइन जीमेल इस्तेमाल करने के लिए आप जीमेल आइकॉन पर क्लिक कर इसे खोलें.


  • इसमें अपना जीमेल अकाउंट और पासवर्ड डालकर साइन इन करें


  • सारी प्रकियाएं पूरी होने के बाद आप बिना इंटरनेट के भी अपना जीमेल इस्तेमाल कर सकते हैं.


पूरी प्रक्रिया जानने के लिए आप नीचे दिए गए चित्रों से भी सहारा ले सकते हैं.



HOW TO USE GMAIL WITHOUT INTERNET
gmail-offline-2


Gmail without internet





LogMeIn की सहायता से एक शहर से दूसरे शहर (जगह) में रखे कंप्यूटर में काम करें

आज हम आपको एक ऐसे सोफ्टवेयर उत्पाद के बारे में बता रहे हैं जिसकी मदद से आप घर बैठे आफिस के कंप्यूटर में लागिन करके उस पर काम कर सकते हैं। ये सुविधा देता हैLogMeइसकी सहायता से आप रिमोटली दूसरे कंप्यूटर के साथ कनेक्ट हो कर काम करते हैं। आप सोच रहे होंगे इसके क्या फायदे, तो ऐसा है कि आप अपने पर्सनल कंप्यूटर को कहीं से भी Access कर सकते हैं, आफिस से, जहाँ छुट्टियाँ बिताने गये हैं वहाँ से। दूसरा उन लोगों के लिये भी अच्छा है जो पढ़ लिख कर घर से दूर हैं और घर में रखे कंप्यूटर में कुछ ठीक करना चाहते हैं जिससे फैमिली का काम बन जाय।

होम यूज के लिये ये फ्री है और इसकी मदद से आप कई कंप्यूटर को कनेक्ट कर सकते हैं, (फ्री वाले वर्जन के लिये ३ पीसी तक कनेक्ट करने की सुविधा होती थी लेकिन ५-६ पीसी तक भी ये आराम से चलता है (था), ये संख्या उन पीसी की है जिन पर कनेक्ट करके काम करना है ना कि जिनसे Access करना है) ज्यादा कंप्यूटर के लिये लाइसेंस वाली सुविधा लेनी होगी। इसके लिये आपको चाहिये कंप्यूटरस और इंटरनेट कनेक्शन, बगैर इंटरनेट कनेक्शन के कुछ नही होने वाला।

ये कैसे काम करेगा
आपको इनकी साईट में जाकर अपना एक एकाउंट बनाना होगा, एकाउंट बनाने के बाद आपको उस एकाउंट में कंप्यूटर जोड़ना है अर्थात उस कंप्यूटर की डिटेल बतानी है (कंप्यूटर का नाम और IP Address) जिसे दूसरी जगहों से कनेक्ट करना है मसलन घर का कंप्यूटर। उसके बाद घर के उस कंप्यूटर में लॉगमीइन एक सोफ्टवेयर ईंस्टॉल करेगा। जिससे आपके घर का कंप्यूटर एक सर्वर की तरह हो जायेगा जिसे आप लॉगमीइन के ही क्लाईंट सोफ्टवेयर (एक्टिव एक्स) की मदद से कहीं से भी Access कर सकते हैं। घर के कंप्यूटर में सबकुछ सेट होने के बाद दो चीजें ध्यान में रखनी है पहली वो कंप्यूटर हमेशा आन रहना चाहिये (या घर में किसी को कॉल करके भी आन करवा सकते हैं) और दूसरा आफिस या बाहर से कनेक्ट करते वक्त घर का कंप्यूटर इंटरनेट से कनेक्ट रहना चाहिये।

अब अगर आफिस के कंप्यूटर से आपको घर के कंप्यूटर में काम करना है तो लॉगमीइन की साईट में जाईये, वहाँ आपको वो कंप्यूटर दिख जायेगा जिसे आपने घर में सेट किया था। उस पर क्लिक करेंगे तो पहले दफे में ये आपसे क्लाईंट सोफ्टवेयर ईंस्टॉल करवा देगा। उसके बाद आप आराम से आफिस से बैठे बैठे घर के कंप्यूटर में लॉगिन होकर काम कीजिये। चाहें तो इसका उल्टा भी कर सकते हैं यानि आफिस का कंप्यूटर घर से कनेक्ट करें। ये सब आप करते हैं एक इंटरनेट ब्राउजर की विंडो के अंदर कुछ कुछ वैसे ही जैसे कोई वेबसाइट या मेरा ये ब्लोग

बिना इंटरनेट के भी गूगल सर्च किया जा सकता है।

TRICK: जानिए बिना इंटरनेट के कैसे करें गूगल सर्च का इस्तेमाल
आज के तकनीकी दौर में इंटरनेट की दुनिया लगातार बढ़ती जा रही है। इस विशाल दुनिया में अब लगभग हर कोई किसी ने किसी तरीके से इंटरनेट से जुड़ा हुआ है। अलग-अलग कारणों के लिए वह इंटरनेट का इस्तेमाल करता है फिर चाहे वो ईमेल के लिए हो, चैटिंग के लिए हो या फिर गूगल सर्च के लिए। इन सबके बीच अगर इंटरनेट का चसका लग चुके इंसान को कुछ पल भी इंटरनेट से दूर रहना पड़े तो जिंदगी अधूरी-अधूरी सी लगती है।
TRICK: जानिए बिना इंटरनेट के कैसे करें गूगल सर्च का इस्तेमाल
इंटरनेट के दौर में गूगल सर्च करने वालों की संख्या भी काफी ज्यादा है। अब ऐसे में अगर आप से बिना इंटरनेट के गूगल सर्च करने का कहा जाए तो आप कैसे करेंगे। पड़ गए न चक्कर में, आप सोच रहे होंगे कि गूगल सर्च वो भी बिना इंटरनेट के..अजीब मजाक है। तो जनाब यह मजाक नहीं है बिना इंटरनेट के भी गूगल सर्च किया जा सकता है।

एक उपयोगी जानकारी हैकर्स कैसे इस्तेमाल करते है गूगल को


इस बात मे कोई शक नही कि गूगल ने इंटरनेट जगत मे एक क्राति ला दी है। इसके सर्वज्ञानी सर्च से आप कोई भी मनपसंद विषय या वस्तु खोज सकते है या उसके बारे मे जानकारी प्राप्त कर सकते है। पर क्या आप इस बात से वाकिफ है कि बहुत से हैकर्स और करैकर्स भी गूगल का इस्तेमाल करते है। जी हां हैकर्स कई तरह से गूगल का इस्तेमाल कर अपने शिकार के बारे मे जानकारी जुटाते है। हालाकि वे आपकी ओर हमारी तरह साधारण सर्च न करके कुछ एडवांस सर्च और कमांड का उपयोग करते है। आज मै आपको बता रहा हू कुछ ऐसे ही एडवांस सर्च और तरीको के बारे मे जिन्हे हैकर्स और करैक्र्स इस्तेमाल करते है।

गूगल बना प्रोक्सी सर्वर
इस अचूक तरीके का इस्तेमाल तब किया जाता है जब मेन सर्वर से कुछ वेबसाइट्स को बैन कर दिया गया है। हैकर्स गूगल को प्रॉक्सी सर्वर की तरह इस्तेमाल कर अपनी मनपसन्द वेबसाइड पर जा सकते है और वेबसर्वर एडमिनिस्ट्ेटर को इस बात की भनक भी नही होती वे इसके लिए गूगल ट्रांसलेट का उपयोग करते है। गूगल की इस सुविधा का इस्तेमाल आमतौर पर किसी भाषा के वाक्य को किसी दूसरी भाषा मे तब्दील करने के लिए किया जाता है। पर यदि हम वाक्य की जगह वेबसाइड का यूआरएल डालें तो वह किसी ओर भाषा मे हमारे सामने आएगी। यह इसलिए होता है क्योकि मेन सर्वर पर कोई भी वेबसाइड एसके आईपी एड्ेस और यूआरएल द्वारा बेन की जाती है और गूगल ट्रांसलेट इस्तेमाल करने पर (www.youtube.com) के वेबपेज पहले गूगल ट्रांसलेट पर ट्रांसलेट होते है और उसके बाद मेन सर्वर तक पहुंचते है। गूगल को इस तरह प्रॉक्सी सर्वर की तरह इस्तेमाल करने पर गुगल ट्रांसलेट का आईपी एड्ेस मेन सर्वर पर जाता है जिससे सर्वर को यह भ्रम होता है कि गूगल ट्रांसलेट की मांग कर रहे है न कि (www.youtube.com) की और उन्हे अपनी मनपंसद वेबसाइड ट्रांसलेट भाषा मिल जाती है।

हैकर्स गूगल द्वारा सेव किए गए कैश्ड पेज का इस्तेमाल भी करते है। इन्हे इस्तेमाल करने के लिए गूगल सर्च के पन्नो मे दिए गए किसी भी लिंक के नीचे दिए गए cached के लिंक को क्लिक करना होता है। इसके बाद जो पेज खुलते है वह असल मे गुगल द्वारा पहले से स्टोर किया हुआ पेज होता है। इससे हैकर्स बिना उस वेबसाइड के सर्वर पर जाए उस वेबसाइड को देख सकते है। यहां उन्हे सबसे बडा फायदा इस बात का मिलता है कि वेबसाइड के सर्वर पर उनके आईपी एड्ेस का सुराग नही रहता और उन्हे पकड़ना कठिन हो जाता है।

गूगल स्पेशल सर्च आपरेटर
आपके सर्चिग के काम को आसान बनाने के लिए गूगल स्पेशल सर्च आपरेटर देता है इनसे आप अपनी सर्च को कई गुना आसान बना सकते है। निचे दिए गए कुछ ऐसे ही स्पेशल सर्च आपरेटर है जिनका हैकर्स बडे चाव से इस्तेमाल करते है।

site आपरेटर
site आपरेटर का इस्तेमाल हैकर्स किसी भी डोमेन के वेबसर्वर के नाम व उसके बारे मे अधिक जानकारी पाने के लिए करते है। उदाहरण के लिए गूगल सर्च मे (site:washingtonpost.com)(site:www.washingtonpost.com) का इस्तेमाल करने पर गूगल (www.washingtonpost.com) के अलावा (washingtonpost.com) डोमेन के बाकी सभी वेबसर्वर के वेबपेज रिटर्न करेगा। इससे हैकर्स को पता चल जाता है कि (www.washingtonpost.com) के अलावा (washingtonpost.com) डोमेन के और कितने वेबसर्वर है।

link आपरेटर
link आपरेटर का इस्तेमाल करने पर गूगल वह वेबपेज रिर्टन करता है जो एक स्पेसीफाइड यूआरएल का link करते है। उदाहरण के लिए गूगल मे (link:www.youtube.com) करने पर वह वेबपेज रिटर्न आते है जिनमे कहीं ना कहीं (www.youtube.com) का लिंक हो।

ext आपरेटर
ext आपरेटर का इस्तेमाल करने पर गूगल वह वेबपेज रिर्टन करता है जिनका एक खास एक्सटेंशन हो। यह खास एक्सटेंशन आप गूगल सर्च मे ही देते है। उदाहरण (hacker ext:pdf) सर्च करने पर वह pdf फाइल्स रिटर्न आती है जिनके नाम मे hacker आता है।

inurl आपरेटर
inurl आपरेटर गूगल के सबसे शक्तिशाली आपरेटर्स में से एक है। इसका इस्तेमाल करने पर केवल वह वेबपेज आते है, जिनके यूआरएल मे एक खास शब्द या वाक्य आता है। उदारणतया inurl:hacking सर्च करने पर वह वेबपेज रिटर्न आते है। जिनके यूआरएल मे hacking शब्द आता है।

cache आपरेटर
cache आपरेटर इस्तेमाल करके आप किसी वेबसाइड के गूगल द्वारा कैश्ड पेजेज को देख सकते है। आपको सिर्फ (cache:www.yahoo.com) सर्च करना होगा और गूगल आपको yahoo के कैश्ड पेजेज दिखा देगा।

intext आपरेटर
intext आपरेटर का इस्तेमाल कर हैकर्स गूगल से वह वेबपेजेज रिटर्न करवाते है। जिनके बॉडी कन्टेन्ट मे कोई खास शब्द आता है। आपको सिर्फ intext:hacking सर्च करना होगा और गूगल आपको वह वेबपेज रिटर्न करेगा जिनके अन्दर hacking शब्द लिखा होगा। हैकर्स इसका भी काफी उपयोग करते है। याद रहे कि intext आपरेटर सिर्फ बॉडी टेक्स्ट को ही पकड़ पाता है न कि लिंक, टाइटल और यूआरएल के शब्दो को।

intitle आपरेटर
intitle hacking सर्च करने से वही वेबपेज रिटर्न आते है, जिनके टाइटल बार मे hacking शब्द आता है।

related आपरेटर
related आपरेटर का हैकर्स तब प्रयोग करते है जब उन्हे किसी वेबसाइड से मिलती जुलती कई और वेबसाइड के बारे मे पता करना होता है। अब आप भी इस सर्च का प्रयोग कर सकते है। आपको करना सिर्फ यह होगा कि गूगल सर्च मे (related:www.yahoo.com)लिखें और गूगल आपको याहू जैसे कई और सर्च इंजन के नाम बता देगा। यह आप किसी भी वेबसाइड के साथ कर सकते है

अब आप जान चुके है कि हैकर्स अपने सर्च को आसान कैसे बनाते है। हालाकि हैकर्स इन आपरेटर से और भी बहुत कुछ कर सकते है जिसकी जानकारी मै आपको बहुत जल्दी दुंगा जिसमे मै आपको पासवर्ड की जानकारी, लाइव कैमरा, वेबसर्वर का वर्जन नंबर ज्ञात करना बताउंगा तो इंतजार किजिए मेरी अगली पोस्ट का आपको ये जानकारी केसी लगी कमेंट्स देकर बताये जरुर

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